मोक्षदा एकादशी

मोक्षदा एकादशी

हिन्दू धर्म में माना जाता है कि जो भी भक्त मोक्षदा एकादशी का व्रत श्रद्धा और भक्ति के साथ करता है, उसे मृत्यु के बाद यमलोक की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। यही दिन गीता जयंती का भी प्रतीक है, क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को भगवद गीता का उपदेश दिया था।

मोक्षदा एकादशी की पावन तिथि पर भक्तों को श्रीहरि के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए और उन्हें खीर व कमल के फूल अर्पित करने चाहिए। साथ ही, माता लक्ष्मी के 108 नामों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इससे धन से जुड़ी सभी परेशानियाँ दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा

बहुत समय पहले वैखानस नामक एक राजा गोकुल पर शासन करते थे। एक रात उन्होंने स्वप्न में देखा कि उनके पिता मृत्यु के बाद नर्क में भयंकर कष्ट झेल रहे हैं। यह दृश्य देखकर राजा का मन व्याकुल हो गया।

सुबह होते ही राजा ने अपने राजपुरोहित को बुलाकर कहा – “मेरे पिता कष्ट झेल रहे हैं, कृपया मुझे उनकी मुक्ति का कोई उपाय बताइए।”

राजपुरोहित ने उत्तर दिया – “राजन, इसका समाधान केवल पर्वत नामक महात्मा ही बता सकते हैं, जो त्रिकालदर्शी हैं।”

राजा तुरंत पर्वत महात्मा के आश्रम पहुँचे और उनसे अपने पिता की मुक्ति का मार्ग पूछा। महात्मा ने ध्यान करके बताया –

“आपके पिता ने अपने पिछले जन्म में एक पाप किया था, उसी कारण उन्हें नर्क की यातना सहनी पड़ रही है।”

राजा ने निवेदन किया – “गुरुदेव, कृपया कोई उपाय बताइए जिससे मेरे पिता को मुक्ति मिल सके।” तब पर्वत महात्मा बोले – “राजन, मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोक्षदा एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा से करो। इस व्रत की शक्ति से आपके पिता नर्क से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करेंगे।”

राजा ने गुरु के आदेश का पालन किया और पूरे श्रद्धा-भाव से मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा। इसके प्रभाव से उनके पिता को नर्क से छुटकारा मिल गया और उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ।

इस प्रकार, राजा को न केवल अपने पिता का आशीर्वाद मिला, बल्कि भगवान श्रीहरि का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।

इस लेख में
    Add a header to begin generating the table of contents
    इन दिस आर्ट
      Add a header to begin generating the table of contents

      लेटेस्ट पोस्ट

      लेटेस्ट न्यूज़

      वेब स्टोरीज

      himachal richest temple himachal pradesh
      हिमाचल के वो मंदिर जहाँ राक्षसों का हुआ था वध #AncientIndia

      वेब स्टोरीज

      himachal richest temple himachal pradesh
      हिमाचल के वो मंदिर जहाँ राक्षसों का हुआ था वध #AncientIndia

      वेब स्टोरीज