सात चिरंजीवी कौन कौन हैं? (Saat Chiranjeevi Kaun Kaun Hai)

सात चिरंजीवी कौन कौन हैं? (Saat Chiranjeevi Kaun Kaun Hai)

क्या आप जानते हैं कि भारतीय धार्मिक परंपरा में सात चिरंजीवी कौन कौन हैं जो विभिन्न युगों से आज भी जीवित हैं? यह माना जाता है कि ये चिरंजीवी अपनी विशेषता, वरदान या शाप के कारण अमर हैं। इस लेख में हम इन सात चिरंजीवियों के बारे में जानेंगे और उनके वर्तमान निवास स्थान के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

चिरंजीवी का मतलब?

“चिरंजीवी” का अर्थ है “लंबे समय तक जीवित रहने वाला”। ये सात चिरंजीवी हिंदू धर्म में अच्छाई और धर्म के प्रतीक हैं। माना जाता है कि वे कलियुग के अंत तक जीवित रहेंगे और धर्म की रक्षा करेंगे। इनकी अमरता उनके कर्मों के आधार पर वरदान या अभिशाप के रूप में दी गई है।

सात चिरंजीवी

  1. राजा महाबली:
Raja mahabali cheeranjivi
Image: vedicfeed

कौन थे राजा महाबली ? राजा महाबली एक प्रसिद्ध असुर राजा थे, जो अपनी परोपकारी और धर्मपरायण प्रवृत्ति के लिए जाने जाते थे। उनकी लोकप्रियता से भयभीत होकर इंद्र ने भगवान विष्णु से मदद मांगी। विष्णु ने वामन का अवतार लिया और महाबली से तीन पग भूमि मांगी। वामन का आकार बढ़ने पर महाबली ने उन्हें तीसरा पग अपने सिर पर रखने को कहा, जिससे वामन ने बलि को पाताल लोक में भेज दिया। भगवान विष्णु ने महाबली को चिरंजीवी होने का वरदान दिया। महाबली पाताल लोक में निवास करते हैं और कलियुग के अंत में पुनः पृथ्वी पर लौटेंगे।

  1. वेदव्यास:
Image: Dainik Bhaskar

महर्षि वेदव्यास चार वेदों के रचनाकार हैं और महाभारत जैसे महान ग्रंथ के लेखक हैं। वे हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं में निवास करते हैं और वेदों का ज्ञान देने के लिए समय-समय पर प्रकट होते हैं। उनकी अमरता की मान्यता उन्हें उनके ज्ञान और तप के लिए प्राप्त हुई है।

  1. हनुमान:
Hanuman
Image: jansatta

भगवान हनुमान को उनके भगवान राम के प्रति अटूट प्रेम और भक्ति के कारण अमरता का वरदान मिला। हनुमान अयोध्या, कांचीपुरम, और हिमालय के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करते हैं। वे भक्तों की सहायता के लिए समय-समय पर प्रकट होते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

  1. विभीषण:
विभीषण
Image: sagasofindia

विभीषण रावण के छोटे भाई थे और उन्होंने धर्म और न्याय के पक्ष में श्रीराम का साथ दिया। भगवान राम ने उनकी धर्मनिष्ठा के कारण उन्हें अमरता का वरदान दिया। विभीषण आज भी लंका में निवास करते हैं और धर्म का पालन करते हैं।

  1. कृपाचार्य:
कृपाचार्य
Image: prabhubhakti

कृपाचार्य कौरवों और पांडवों के कुलगुरु थे और महाभारत युद्ध में भाग लिया था। उन्हें शस्त्र विद्या में निपुण माना जाता है। वे कुरुक्षेत्र में निवास करते हैं और समय-समय पर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

  1. परशुराम:
Image: lokmatnews

भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम ने भ्रष्ट क्षत्रियों का नाश किया और भगवान शिव से अजेय शक्ति प्राप्त की। वे महेंद्रगिरि पर्वत पर निवास करते हैं और ध्यान और तपस्या में लीन रहते हैं। वे समय-समय पर धर्म की रक्षा के लिए प्रकट होते हैं।

  1. अश्वत्थामा:
Image: AajTak

अश्वत्थामा द्रोणाचार्य और कृपी के पुत्र थे। महाभारत युद्ध के दौरान उनके द्वारा ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया गया। श्रीकृष्ण ने उन्हें चिरंजीवी बनने का शाप दिया, जिससे वे लंबे समय तक दुख और पीड़ा में जीवित रहेंगे। आज भी उन्हें उत्तराखंड के जंगलों और हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं में देखा जाता है।

अंत में, सात चिरंजीवी भारतीय धार्मिक और पौराणिक इतिहास का अभिन्न हिस्सा हैं। चाहे वह राजा महाबली हों, हनुमान जी, या परशुराम, इनकी कहानियां हमें धर्म, निष्ठा और शक्ति के मूल्य सिखाती हैं। कलियुग के अंत तक, इन चिरंजीवियों की उपस्थिति हमें यह याद दिलाती है कि अच्छाई हमेशा विजयी होती है।

इस लेख में
    Add a header to begin generating the table of contents
    इन दिस आर्ट
      Add a header to begin generating the table of contents

      लेटेस्ट पोस्ट

      लेटेस्ट न्यूज़

      वेब स्टोरीज

      himachal richest temple himachal pradesh
      हिमाचल के वो मंदिर जहाँ राक्षसों का हुआ था वध #AncientIndia

      वेब स्टोरीज

      himachal richest temple himachal pradesh
      हिमाचल के वो मंदिर जहाँ राक्षसों का हुआ था वध #AncientIndia

      वेब स्टोरीज

      लेटेस्ट वीडियो