विजया एकादशी
विजया एकादशी
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और जो व्यक्ति इस व्रत को भक्ति और श्रद्धा से करता है, उसके सभी कार्य निश्चित रूप से सफल होते हैं। यह व्रत भक्तों को केवल सांसारिक सफलता ही नहीं देता, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक उन्नति, सुख और समृद्धि भी प्रदान करता है।
विजया एकादशी व्रत कथा
धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से फाल्गुन कृष्ण एकादशी, जिसे विजया एकादशी कहा जाता है, के महत्व के बारे में पूछा। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि जो भक्त इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति से रखता है, उसे सफलता और मोक्ष की प्राप्ति होती है, और उसके पाप नष्ट हो जाते हैं।
एक समय की बात है। नारद मुनि ने ब्रह्मा जी से विजया एकादशी के महत्व को पूछा। ब्रह्मा जी ने बताया कि त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ थे। उनकी पत्नी कैकेयी ने उनसे दो वचन माँगे—एक, कि राम को चौदह वर्षों का वनवास देना, और दूसरा, कि भरत को राज्य सिंहासन देना। पिता की आज्ञा से भगवान राम अपने भाई लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ वन चले गए।
वन में रावण ने सीता माता का हरण कर लिया। राम और लक्ष्मण माता सीता की खोज में भटकते रहे और वहां उनकी मुलाकात हनुमान जी से हुई। हनुमान जी के मार्गदर्शन और सुग्रीव से मित्रता के बाद वानर सेना सीता माता की खोज में जुट गई। भगवान राम ने लंका पर चढ़ाई की योजना बनाई, लेकिन सबसे बड़ी बाधा समुद्र था।
तभी लक्ष्मण ने भगवान राम को बताया कि पास ही वकदालभ्य ऋषि का आश्रम है। राम वहां गए और उनसे मार्गदर्शन माँगा। ऋषि ने कहा कि फाल्गुन कृष्ण एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करें। इस व्रत को अपने सहयोगियों और प्रियजनों के साथ करें। उन्होंने इस व्रत की पूरी विधि बताई और आश्वासन दिया कि इससे कार्य में सफलता मिलेगी।
भगवान राम ने विजया एकादशी का व्रत विधि-विधान से रखा और भगवान विष्णु की पूजा की। इसके पुण्य से वानर सेना समुद्र पार करने में सफल हुई और लंका पर विजय प्राप्त की। भगवान राम ने रावण का वध किया और माता सीता को मुक्त कराया। इसके बाद वे माता सीता सहित अयोध्या लौट आए।
जो कोई भी श्रद्धा और भक्ति के साथ विजया एकादशी का व्रत करता है, उसे अपने कार्यों में सफलता, सुख, समृद्धि और भगवान विष्णु की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।
लेटेस्ट पोस्ट
लेटेस्ट न्यूज़
वेब स्टोरीज
वेब स्टोरीज
वेब स्टोरीज
देवी-देवताओं पर आधारित उपवास
देवी-देवताओं पर आधारित उपवास



