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पुस्तकें वह माध्यम हैं, जिनसे हमें हिंदू पौराणिक कथाओं (Hindu Mythology), सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का गहरा व व्यापक ज्ञान प्राप्त होता है। भारत में हजारों ऐसी प्राचीन और आध्यात्मिक पुस्तकें उपलब्ध हैं, जो केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
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Introduction
वेद, उपनिषद, पुराण, रामायण, महाभारत, भक्ति ग्रंथ, तंत्र, दर्शन, धर्मशास्त्र और आयुर्वेद जैसे ग्रंथों के माध्यम से हमें न केवल आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है, बल्कि वे हमें जीवन के वास्तविक उद्देश्य, नैतिक मूल्यों और धर्म के मार्ग की भी व्याख्या करते हैं।
इस अनुभाग में हम उन सभी प्रमुख भारतीय ग्रंथों को संकलित कर रहे हैं जो हिंदू धर्म, पौराणिक साहित्य, प्राचीन विज्ञान और सांस्कृतिक विरासत के प्रामाणिक स्रोत माने जाते हैं। हर ग्रंथ अपने आप में Hindu Mythology और सनातन परंपरा की एक जीवंत कथा है, जो आज भी हमारे जीवन को दिशा देती है।
भारतीय ग्रंथों की सूची – Hindu Mythology और सनातन धर्म के प्रसिद्ध ग्रंथ
भारत की यह ग्रंथ-संस्कृति न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक है, बल्कि Hindu Mythology, दर्शन, विज्ञान, न्याय और नीति का अनमोल भंडार भी है।
प्राचीनतम ग्रंथ, जो सृष्टि, ब्रह्मांड और यज्ञ पर आधारित हैं:
- ऋग्वेद
- यजुर्वेद
- सामवेद
- अथर्ववेद
अद्वैत, आत्मज्ञान और मोक्ष से संबंधित आध्यात्मिक ग्रंथ:
- ईश उपनिषद
- कठ उपनिषद
- मुण्डक उपनिषद
- माण्डूक्य उपनिषद
- बृहदारण्यक उपनिषद
- छांदोग्य उपनिषद
देवताओं, अवतारों और लोकजीवन की गाथाएँ:
- भागवत पुराण
- शिव पुराण
- विष्णु पुराण
- देवी पुराण
- स्कंद पुराण
- गरुड़ पुराण
- ब्रह्मा पुराण
महाकाव्य जो नैतिकता और धर्म युद्ध का सार प्रस्तुत करते हैं:
- रामायण (वाल्मीकि)
- रामचरितमानस
- महाभारत
- भगवद गीता
संतों और भक्त कवियों द्वारा रचित भक्ति साहित्य:
- सूरसागर (सूरदास)
- गीता गोविंद (जयदेव)
- गुरु ग्रंथ साहिब
- भक्ति सुधा
- विनय पत्रिका (तुलसीदास)
छह प्रमुख दर्शनों में जीवन, आत्मा और ब्रह्म का चिंतन:
- सांख्य दर्शन (कपिल मुनि)
- योग दर्शन (पतंजलि)
- न्याय दर्शन
- वैशेषिक दर्शन
- वेदांत दर्शन
- मीमांसा दर्शन
धर्म, आचार, और सामाजिक नियमों को स्थापित करने वाले ग्रंथ:
- मनुस्मृति
- याज्ञवल्क्य स्मृति
- नारद स्मृति
- आपस्तम्ब धर्मसूत्र
व्यवहार, नीति और नीति-शिक्षा देने वाले ग्रंथ:
- चाणक्य नीति
- पंचतंत्र
- हितोपदेश
- न्याय सूत्र (गौतम)
राजनीति, अर्थशास्त्र और कूटनीति पर आधारित ग्रंथ:
- कौटिल्य का अर्थशास्त्र
- नीतिशतक (भर्तृहरि)
तंत्र, साधना और मंदिर परंपराओं से जुड़ी ज्ञान परंपरा:
- शिव आगम
- शक्ति तंत्र
- कुलार्णव तंत्र
- रुद्रयामल
प्राचीन भारत की चिकित्सा, गणित और खगोल ज्ञान पर आधारित ग्रंथ:
- चरक संहिता (आयुर्वेद)
- सुश्रुत संहिता (शल्य चिकित्सा)
- बृहज्जातक (ज्योतिष)
- लीलावती (भास्कराचार्य – गणित)
क्षेत्रीय देवी-देवताओं, लोक परंपराओं और लोकगाथाओं से जुड़े ग्रंथ:
- व्रत कथा संग्रह
- लोक देवता चरित्र (जैसे बाबा रामदेव, गोगा जी)
- मंडल ग्रंथ (हिमाचल, उत्तराखंड आदि में प्रचलित)
यहाँ हम केवल पुस्तकों के नाम या विवरण नहीं देते, बल्कि हर पुस्तक से जुड़ी कहानी, उसका महत्व, उसके संदेश और जीवन से जुड़ाव को सरल भाषा में प्रस्तुत करते हैं।
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12 वर्षों में बनकर तैयार – हिमाचल का मोहन शक्ति नेशनल हेरिटेज पार्क
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के हरत गाँव में पहाड़ की तलहटी पर स्थित मोहन शक्ति नेशनल हेरिटेज पार्क (Mohan Shakti National Heritage Park) भारतीय संस्कृति का एक सुंदर प्रतीक है। यह उत्तर भारत (North India) का पहला प्राचीन हेरिटेज पार्क माना जाता है। यह पार्क लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और पहाड़ी की ऊँचाई से नीचे फैली घाटी और हिमालय की तलहटी का बेहद खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है।
shoolini mata mandir : माँ शूलिनी की महिमा, और मंदिर का रहस्यमय इतिहास
शूलिनी माता मंदिर (Shoolini Mata Mandir ) सोलन शहर में शीली मार्ग पर स्थित है। मान्यता है कि शहर का नाम इसी माता शूलिनी के नाम पर पड़ा है, जो सोलन की अधिष्ठात्री देवी हैं। माता शूलिनी को देवी दुर्गा का स्वरूप और भगवान शिव की शक्ति माना जाता है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह क्षेत्र कभी बघाट रियासत की राजधानी हुआ करता था, जिसकी नींव राजा बिजली देव ने रखी थी। बारह घाटों से मिलकर बने इस रियासत का आरंभिक राजधानी जौणाजी हुआ करता था, बाद में कोटी और अंततः सोलन बनी, और राजा दुर्गा सिंह अंतिम शासक थे।
हाटू माता मंदिर : रावण की पत्नी ने कराया था निर्माण, जहाँ आज भी जमीन खोदने पर निकलते हैं कोयले
हाटू माता मंदिर (hatu mata temple) शिमला शहर से लगभग 68 किलोमीटर दूर और नारकंडा से मात्र 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह …
हिडिंबा देवी मंदिर मनाली: जहाँ होती है चरणचिह्न की पूजा और जो कुल्लू राजपरिवार की दादी मानी जाती हैं।
हिडिंबा देवी (hidimba devi) मंदिर हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मनाली में स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। हिडिंबा माता मंदिर में हर साल …
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