हिंदू देवी-देवता

हिंदू माइथोलॉजी के अनुसार, देवता उस एक ही परम सत्य  ब्रह्म — के अलग-अलग रूप  हैं।
इसका अर्थ है कि हिंदू धर्म में सभी देवता एक ही परम शक्ति के विभिन्न रूप हैं। ये देवता सृष्टि, प्रकृति और जीवन की अलग-अलग शक्तियों और भावों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

परिचय

हिंदू देवी-देवता केवल धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि वे ब्रह्मांड की विभिन्न ऊर्जा, गुण और कार्यों के जीवंत रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक देवता के साथ जुड़ा एक विशेष गुण होता है — जैसे सरस्वती ज्ञान और विद्या की देवी हैं, दुर्गा शक्ति और साहस की प्रतिमूर्ति हैं, लक्ष्मी समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक हैं, विष्णु संरक्षण और संतुलन के प्रतिनिधि हैं, जबकि शिव विनाश और सृजन के अद्वितीय संगम के रूप में जाने जाते हैं। इसी प्रकार, प्रेम, न्याय, करुणा, तपस्या, और प्रकृति की असीम शक्तियों का स्वरूप भी विभिन्न देवताओं में प्रतिबिंबित होता है।

इन्हीं विविध रूपों और शक्तियों में लोग ईश्वर की आराधना करते हैं, जिससे वे जीवन के हर पहलू में दिव्य प्रेरणा, आंतरिक शांति और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। यह आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि व्यक्ति के विचारों, कर्मों और जीवनशैली में भी झलकती है। इस तरह हिंदू देवताओं की पूजा न केवल एक धार्मिक प्रक्रिया है, बल्कि यह जीवन दर्शन और आध्यात्मिक साधना का एक अभिन्न हिस्सा है, जो पीढ़ियों से भारतीय संस्कृति की आत्मा को पोषित करता आ रहा है।

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